Accounting क्या होती है?

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एकाउंटिंग क्या है - What is Accounting in Hindi
Accounting kya hai

Definition Accounting in Hindi: किसी व्यापार या संस्थान के वित्तीय हिसाब किताब व् जानकारी को व्यवस्थित करना और उसके सारांश को सहेज कर रखना व् संभालना ही Accounting कहलाता है.

Definition Accounting in English: The process of Recording Managing Reporting summarizing, analyzing financial transactions of Businesses and Organizations are known as Accounting.

दोस्तों आज हर कोई पैसा कमाने के लिए कुछ न कुछ करता है कोई Business करता है कोई Job करता है लेकिन सभी का मकसद पैसा कामना होता है और दोस्तों आपको ये तो पता ही होगा की हर Company या बड़ी दुकान में एक ऐसा व्यक्ति होता है जो पैसों की देख रेख यानि सारा हिसाब किताब रखता है जैसे Company को कितना फायदा हुआ कितना नुक्सान हुआ कितना पैसा किस को देना है कितना किस से लेना है यह सारा जानकारी इस व्यक्ति के पास होती है इस व्यक्ति को Accountant यानि मुनीम कहा जाता है. चलिए दोस्तों अब हम बात करते है Accounting की और जानते है एकाउंटिंग क्या है?

एकाउंटिंग किसी भी छोटे या बड़े बिज़नेस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है क्योकि किसी भी बिज़नेस मे काम कर रहे लोगो की Salary सरकार को दिए जाने वाला tax साथ ही साथ उस बिज़नेस को होने वाला फयदा या नुक्सान की जानकारी ये सभी चीजे एकाउंटिंग द्वारा ही देखि और संभाली जाती है

प्रोफेशनल Accouting करने के लिए कुछ Standard यानि Rules और Regulation होते है जो Generally Accepted Accounting Principles (GAAP) पर आधारित होते है जिनको पढ़ और समझ कर ही प्रोफेशनल एकाउंटिंग की जाती है ये रूल्स अभी के लिए एक जैसे बनाये गए है ताकि सरकार या कोई भी व्यक्ति जो एकाउंटिंग की समझ रखता है वो अलग अलग बिज़नेस या संस्थानों की एकाउंटिंग को देख और समझ सके

Types of Accounting in Hindi

वैसे तो एकाउंटिंग कई तरह की होती है पर उनमे सबसे मुख्य 3 प्रकार है –

Cost Accounting

Cost Accounting आमतौर पर किये जाने वाले खर्चो को लेकर की जाती है इसमें कंपनी या किसी बिज़नेस द्वारा किये जाने वाले सभी खर्चो के पूरे हिसाब किताब की जानकारी होती है है जैसे लेबर कॉस्ट, मेंटेनन्स कॉस्ट, प्रोडक्ट कॉस्ट, सिक्योरिटी कॉस्ट आदि कॉस्ट एकाउंटिंग Report कई तरह से किसी कंपनी या बिज़नेस के ग्रोथ में काफी मदद करती है जैसे पिछले साल से मेंटेनन्स कॉस्ट कितनी काम हुई या लेबर कॉस्ट में कितने ज्यादा की गयी आदि.

Managerial Accounting

इसमें अकाउंटेंट द्वारा हर महीने या 6 महीने में Accounting Report बनायीं जाती है जोकि बिज़नेस या कम्पनी को आगे बढ़ाने की लिए फैसले लेने में मदद करती है जैसे Tax की लागत, बैलेंस स्टेटमेंट आदि यही प्रोसेस Managerial Accounting कहलाता है.

Financial Accounting

हर company या business में अकाउंटेंट द्वारा सालाना और अंतरिम एकाउंटिंग रिपोर्ट बनायीं जाती है जिसमे कंपनी या बिज़नेस के पुरे साल की वित्तीय जानकारी होती है इसमें पुरे साल में किये गयी खर्चो की कई तरह से सारांश यानि Summary बनायीं जाती है जैसे balance sheet, income statement, और cash flow statement आदि. यही प्रोसेस Financial Accounting कहलाता है.

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History of Accounting (इतिहास)

वैसे तो एकाउंटिंग उतनी ही पूरानी है जितना की पैसा साथ ही ऋषियों और मुनियो के समय से ही बही खातों और हिसाब किताब का पूरा लेखा जोखा रखा जाता था, पर 19वि सदी में मोर्डर्न एकाउंटिंग की शुरआत हो गयी थी इसके आलावा सं1470 में Luca Pacioli नमक एक शख्स ने एक किताब लिखी जिसका नाम था “Double-Entry System of Bookkeeping” उन्होंने एकाउंटिंग को प्रोफेशनल बनाने में कई योगदान दिए थे इसलिए उन्हें “The Father of Accounting” भी खा जाता है.

1980 आते आते Modern Accounting पूरी तरह से Develop हो चुकी थी और कई सारे चार्टेड अकाउंटेंट उनिवेर्सिटी पूरी दुनिया में खुल चुके थे.

Advantages of Accounting (विशेषताएं)

एकाउंटिंग की कई साड़ी विशेषताएं है जोकि किसी भी बिज़नेस के विकास में काफी मदद करती है जैसे –

Maintenance of Business Records (रखरखाव)

अव्यवस्थित जानकारियों को लम्बे टाइम तक संभाल कर रखना और फिर जरूरत के समय पर ढूंढना काफी मुश्किल होता है. इसलिए बिज़नेस के खातों की जानकारी एकाउंटिंग द्वारा सही और आसान तरीके से लमबे समय तक मैनेज करके रखा जा सकता है ताकि वह जानकारी किसी भी समय काम आने पर उपलब्ध हो सके.

Decision Making (फैसला लेना)

अगर सही जानकारी हो तो मैनेजमेंट के लिए फैसला लेना काफी आसान हो जाता है. एकाउंटिंग लोगो को आगे की प्लानिंग करने और आने वाली आपदा जैसे नुक्सान, खर्च आदि पर फैसले लेने में मदद करती है..

सही और व्यवस्थित वित्तीय जानकारियों को रिकॉर्ड में रखना अदालत व् कानूनी करवाई होने पर सबूत का काम करती है.

Preparation of Financial Statements (वित्तीय विवरण)

अगर जानकारी व्यवस्थित हो तो Financial statement यानि वित्तीय जानकारी जैसे Trading, profit और loss आदि की रिपोर्ट बनाना काफी आसान हो जाता है और यह सभी सही एकाउंटिंग पर निर्भर करता है.

Valuation of Business (वैधता)

बिज़नेस द्वारा खरीदने व् बेचने की सही जानकारी को रिकॉर्ड में रखकर उसका उपयोग बिज़नेस की वैधता को नापने में किया जा सकता है ये भी एकाउंटिंग द्वारा ही संभव है.

Comparison of results (तुलना करना)

एकाउंटिंग द्वारा अलग अलग सालो की रिकॉर्ड की गयी खातों की जानकरी को तुलना करना काफी आसान हो जाता है जिस से आसानी से पता लगया जा सकता है. किस साल कितना जयदा फयदा और किस साल सबसे जयदा नुक्सान हुआ है.

Conclusion

दोस्तों मैं आशा करता हूँ की आपको मेरा ये ब्लॉग Accounting in Hindi पूरी तरह और आसानी से समझ आया होगा अगर आपको इस विषय से रिलेटेड कोई confusion है या परेशानी है तो आप मुझे निचे कमेंट बोस में पूछ सकते है में आपको रिप्लाई करने की पूरी कोशिश करूँगा.

मैं हमेशा दोस्तों यही कोशिश करता हूँ की अपने रीडर्स को बिलकुल सही जानकारी बड़े ही आसान तरीके से दू अगर आपको कोई डाउट है तो आप मुझसे बेजिझक निचे कमेंट बॉक्स में पूछ सकते है.

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तो दोस्तों मिलते है फिर अगले ब्लॉग में एक नयी जानकारी के साथ तब तक के लिए धन्यवाद दोस्तों जय हिन्द / जय भारत !!

What is History of Accounting in Hindi?

सं1470 में Luca Pacioli नमक एक शख्स ने एक किताब लिखी जिसका नाम था “Double-Entry System of Bookkeeping” उन्होंने एकाउंटिंग को प्रोफेशनल बनाने में कई योगदान दिए थे इसलिए उन्हें “The Father of Accounting” भी खा जाता है

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